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News & Analysis

ईएससीएपी ने ब्रॉडबैंड के बढ़ते विभाजन का खुलासा किया

 लेखक राकेश जयवर्धने

नई दिल्ली (आईडीएन) - एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के व्यापक रूप से प्रचारित अभूतपूर्व विकास के बावजूद, एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक आयोग (ईएससीएपी) द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में पता चला है कि ब्रॉडबैंड की क्षमताएं और इसकी पहुंच काफी हद तक पूर्वी और उत्तरी-पूर्वी एशिया में केंद्रित है।

एशिया और प्रशांत क्षेत्र में आईसीटी की स्थिति 2016: ब्रॉडबैंड के बढ़ते विभाजन का खुलासा शीर्षक रिपोर्ट इस बात की भी पुष्टि करती है कि फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की पहुंच के मामले में विकसित और विकासशील देशों के बीच की खाई वास्तव में चौड़ी हो रही है, और जब तक कि लक्षित नीति का हस्तक्षेप नहीं होता है, भविष्य के विकासपरक अवसरों का रुझान लगातार अहितकर बना रहेगा।

रिपोर्ट कहती है कि 2015 के आंकड़ों अनुसार, एशिया और प्रशांत क्षेत्र में कुल फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सदस्यता का 74.89 प्रतिशत पूर्वी और उत्तर-पूर्वी एशिया में केंद्रित हैं जिसके बाद दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम एशिया (9.77 प्रतिशत), उत्तर और मध्य एशिया (7.68 प्रतिशत), दक्षिण-पूर्व एशिया (5.74 प्रतिशत) और प्रशांत क्षेत्र (1.93 प्रतिशत) का नाम आता है।

नतीजों से पता चलता है कि वैश्विक फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों में 52.3 प्रतिशत से अधिक अब ईएससीएपी के सदस्य देशों से आते हैं जो 2005 से एक नाटकीय वृद्धि है जब इस क्षेत्र में केवल 38.1 प्रतिशत ग्राहक थे।

रिपोर्ट में यह भी पाया गया है कि 2015 में एशिया और प्रशांत क्षेत्र के अधिक से अधिक 20 देशों में 2 प्रतिशत से कम आबादी ने फिक्स्ड ब्रॉडबैंड को अपनाया था, जो उच्च आय और कम आय वाले देशों के बीच डिजिटल विभाजन के एक खतरनाक गति से बढ़ने का संकेत है।

संयुक्त राष्ट्र के लिए ईएससीएपी के अंडर-सेक्रेटरी-जनरल और कार्यकारी सचिव डॉ. शमशाद अख्तर ने रेखांकित किया है कि ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी डिजिटल अर्थव्यवस्था और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है, और यह कि ईएससीएपी इस क्षेत्र के देशों के लिए ब्रॉडबैंड पहुंच को सुधारने में सदस्य देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

डॉ. अख्तर ने कहा, "इस डिजिटल विभाजन के परिणाम स्वरूप लाखों लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय और वित्तीय सेवाओं में परिवर्तनकारी डिजिटल अवसरों के दरवाजे बंद हो गए हैं।" उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी क्षेत्र में डिजिटल अर्थव्यवस्था और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने आगे कहा, "इस बढ़ती खाई के जवाब में, ईएससीएपी क्षेत्र में अंतर्निहित इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करके संपूर्ण एशिया और प्रशांत क्षेत्र में ब्रॉडबैंड इंटरनेट की उपलब्धता बढ़ाने और इसे किफ़ायती बनाने के लिए एशिया-प्रशांत सूचना सुपरहाइवे को बढ़ावा देने में जुटा है|

विशेष रूप से, रिपोर्ट कहती है कि ई-कॉमर्स का फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के साथ मजबूत सहसंबंध है जिससे पता चलता है कि आईसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी बढ़ाने से क्षेत्र में व्यवसाय-से-व्यवसाय के ई-व्यापार में वृद्धि होगी। इसके अलावा रिपोर्ट में ऑनलाइन सामग्री तैयार करने में उभरती प्रवृत्तियों, मोबाइल ब्रॉडबैंड के विस्तार और उपयोग के अलग-अलग पैटर्न तथा ब्रॉडबैंड को अपनाने में नियामक गुणवत्ता और निवेश के प्रभाव की भी पड़ताल की गई है।

अध्ययन के नतीजे आईसीटी, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर ईएससीएपी समिति के उद्घाटन कार्यक्रम के लिए आधार का काम करेंगे जो 5-7 अक्टूबर 2016 को बैंकाक में आयोजित होने जा रहा है।

रिपोर्ट कहती है, "रिपोर्ट का महत्व इस तथ्य में निहित है कि डिजिटल प्रौद्योगिकी न केवल समाज और अर्थव्यवस्था में हमारे परस्पर संवाद के तरीके में बल्कि विकास के प्रतिमान विकसित होने के तरीके में भी मौलिक बदलाव लाने में सक्षम रहा है।"

वर्ल्ड इकनोमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ़) द्वारा जुलाई 2016 में प्रकाशित ग्लोबल इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रिपोर्ट 2016 इस बात पर प्रकाश डालती है कि डिजिटल क्रांति नवाचार की प्रकृति को बदल रही है, जो निरंतर डिजिटल प्रौद्योगिकी और संबद्ध नए व्यापार मॉडलों पर आधारित होती जा रही है।

इसलिए व्यवसायों को डिजिटल तकनीक की शक्ति को अंगीकार करने के लिए प्रोत्साहित करना सरकारों की एक अनिवार्यता होनी चाहिए। इसके लिए अन्य बातों के साथ-साथ उभरती प्रौद्योगिकियों के प्रभाव का अनुमान लगाने और नए आर्थिक एवं सामाजिक परिदृश्य के कारण बदलती परिस्थितियों पर त्वरित प्रतिक्रिया करने के लिए सही प्रशासनिक ढ़ांचे का होना आवश्यक है।

डब्ल्यूईएफ की रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से ब्रॉडबैंड की भूमिका उत्पादन से लेकर प्रक्रियाओं तक कई क्षेत्रों में विकास में तेजी लाने और सहयोगी नवाचार को सक्षम के लिए महत्वपूर्ण है। [आईडीएन-InDepthNews - 30 जुलाई 2016]

यह आलेख वैश्विक सहयोग परिषद और DEVNET जापान के साथ संयुक्त रूप से आईडीएन के मीडिया प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

 

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